GPS क्या है (GPS kya hai) और GPS काम कैसे करता है? – हिंदी में

GPS kya hai

क्या आपके भी मन में यह सवाल आता है की आखिर GPS क्या होता है? (GPS kya hai) GPS का काम क्या है? GPS का उपयोग कैसे किया जाता है? GPS की मदद से हम कैसे किसी स्थान या location का पता लगा सकते है? – अगर हाँ तो आप सही जगह पर पहुच चुके है| क्योंकि आज के इस post में GPS kya hai इसके बारे में सब कुछ बतलाने वाले है| जानकारी देने से पहले मै आपको बता देता हूँ कि मेरा नाम चन्दन कुमार है, और आपको हमारे इस Blog में तहे दिल से स्वागत है|

जैसा की आपको पता होगा की पुराने समय में लोग रास्ते को या किसी जगह के बारे में जानने के लिए तारों की सहायता लेते थे| लेकिन समय के बदलते इस दौर के साथ technology आ गया उसी में से एक technology है GPS ( Global Positioning System) इसलिए आज हम GPS kya hai in hindi के बारे में जानने वाले है|

जीपीएस क्या होता है? (GPS kya hai in Hindi)


GPS kya hai – GPS एक उपग्रह – आधारित navigation प्रणाली है, इसे हम satelliate program भी कहते है| यह 31 उपग्रहों (Satellites) के साथ मिलकर काम करता है| इसका संचालन अमेरिका (United States) की सरकार (Government) करती है| इसका प्रयोग हम स्थान और समय के जानकारी प्रदान करने के लिए करते है, चाहे वह धरती के किसी भी जगह पर स्थित क्यों न हो|

जीपीएस (GPS) का फुल फॉर्म –


GPS का फुल फॉर्म Global Positioning System होता है| अगर हम इसे हिंदी भाषा में बोले तो – वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली|

जीपीएस काम कैसे करता है? (How GPS works in Hindi)


GPS उपग्रह (Satellite) दिन भर में दो बार अपनी कक्षा में पृथ्वी का चक्कर लगाता है| यह पृथ्वी से 20,000 km दूर orbit में घूम रहा है| जीपीएस काम कैसे करता है, यह जानने से पहले आपको यह जानना पड़ेगा की आपका mobile फोन किन-किन चीजों से जुड़ा होता है| आपका mobile फोन तीन चीजों से जुड़ा हुआ होता है – GPS satellite, Ground stations, और Reseivers.

GPS को सही तरीका से उपयोग करने के लिए कम से कम चार satellites से संपर्क होना चाहिए| चारो satellites regular समय के अन्तराल पर अपनी अपनी position और कर्रेंट समय का information के सिगनल light की speed से transmit करती है| Transmit की गयी सिगनल को हमारा resever सिगनल को reseve करता है, और वह एक calculation करता है की satellite से सिगनल को आने में कितना समय लगा| उसी के आधार पर satellite से दूरी निकलता है| ऐसे ही चारो satellites सिगनल भेजते है और calculation करने के बाद आपका location दिखा देता है|

GPS Receiver का Calculation:


अगर आपको बोला जाए की जीपीएस (GPS) receiver distance या location को calculate कैसे करता है, तो शायद आपको मालूम नही होगा| लेकिन मै आज आपको बतलाने वाले है की GPS receiver calculation को कैसे करता है| वैसे तो GPS receiver का calculation करना थोड़ा सा मुश्किल होता है, लेकिन हम आपको आसान भाषा में समझाने की कोशिश करेंगे|

GPS का radio signal होता है, जो की light के speed से travel करता है और GPS का receiver यह पता लगाता है, की हम satellite से कितना दूर है| दूरी को निकालने के लिए GPS receiver को radio सिगनल से receive करने में जितना समय लगता है उसी से निकाल लेता है| जैसे की आपको मालूम होगा –


Distance = Velocity * Time


यहाँ पर velocity light कि speed को कहा जाता है| अगर आपको मालूम ना हो कि light का speed क्या होता है तो जान लीजिए light का speed 3*10^6 m/s होता है|
GPS receiver में जितना भी calculation होता है, special relativity को ध्यान में रख कर ही किया जाता है|

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जीपीएस का इतिहास – History of GPS in Hindi

GPS kya hai और GPS काम कैसे करता है इसके बारे में तो आपलोगों को पता हो ही गया होगा| अब बरी है जीपीएस के इतिहास के बारे में जानने का –


जीपीएस technology का प्रयोग सबसे पहले अमेरिका के आर्मी (Defense) departmant के द्वारा सन 1973 की गयी थी| यह अमेरिका navigation system को रेफ़र करता है, जिसे कि NAVSTAR कहा जाता है |

शुरु में GPS आम लोगो के लिए उपयोग नही होता था| इसे केवल अमेरिका के आर्मी (Defense) department ही उपयोग करते थे, लेकिन सन 1980 के बाद यह public कर दिया गया और सन 1995 में इसे पूरी तरह से globalic public कर दिया गया|

GPS के इतिहास के बारे में और detail में जानने के लिए click करे

GPS का उपयोग कहाँ कहाँ होता है

  • स्थान का पता लगाना – GPS किसी भी स्थान का पता लगाने में मदद करता है | मान लीजिए आप कही जा रहे है, और आपको रास्ता के बारे में कुछ नही पता की जाना कैसे है तो Google map के मदद से पता करके जा सकते है | Google map जीपीएस के आधार पर ही कम करता है |
  • कार या गाड़ी को चोरी होने से रोकना – अगर आप वाहनों में जीपीएस को लगा रखे है तो कार या गाड़ी चोरी होने के बाद पता लगाया जा सकता है की कार या गाड़ी कहाँ है |
  • मपिंग या सर्वेक्षण में – GPS का उपयोग, जब भी कोई परियोजना होती है जैसे राजमार्ग, बिजली लाइने, फसले, मिट्टी के प्रकार, नदियाँ इत्यादि उस समय पर उसकी मैपिंग के लिए किया जाता है |
  • कानूनी उपयोग के लिए – GPS का उपयोग कानूनी तौर पर पुलिस लोग अपराधी को पकड़ने के लिए करते है | अगर कोई अपराधी अपराध कर के भाग गया हो तो उसका पता लगाया जाता है | इसके आलवा अगर किसी पर सक भी हो तो उसके वाहन में छोटा का जीपीएस उपकरण लगा दिया जाता है और उसकी मदद से बहुत कुछ पता भी लगाया जाता है|
  • पालतू जानवर को पता लगाने के लिए – अगर आपके घर में कोई पालतू जानवर है और आपको लग रहा वह कई इधर उधर भाग जाता है, तो आप उसके किसी भी भाग में जीपीएस उपकरण को लगा के पता लगा सकते है वह उस समय वह जानवर कहाँ पर है | इसके अलावा बड़े बड़े जंगलो में जानवर के शरीर में जीपीएस उपकरण लगाया रहता है ताकि कौन सा जानवर कहाँ पर है उसकी पता लगाया जा सके |
  • विमान या उड़ान योजना के लिए – यदि कोई विमान अंतरिक्ष में उड़ रहा है तो वह अपने मार्ग को खोजने के लिए जीपीएस का उपयोग करते है | अगर अंतरिक्ष में कोई भी विमान गुम या भूला जाता है, तो कहाँ पर भी जीपीएस ही उसे ढूढने में सहायता प्रदान करता है |

Chandan Kumar

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